प्रातः काल की घंटी बजते ही प्रत्येक छात्र-छात्रा का प्रार्थना सभा में उपस्थित होना अनिवार्य है।
मध्यान्ह (Recess) की घंटी बजते ही छात्र-छात्राओं को तुरंत अपनी-अपनी कक्षाओं में वापस पहुँचना अनिवार्य है।
शनिवार को बिना पूर्व अनुमति के अनुपस्थित रहने पर आर्थिक दंड (Fine) देय होगा।
प्रधानाचार्य की स्पष्ट अनुमति के बिना किसी भी छात्र-छात्रा को विद्यालय परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
यदि छात्र-छात्रा विद्यालय आने में असमर्थ है, बीच में बुलाना हो, अथवा शारीरिक/मानसिक रूप से अस्वस्थ है, तो अभिभावक को लिखित रूप में प्रार्थना पत्र देना अनिवार्य है।
विद्यालय पुनः खुलने पर बिना किसी आधिकारिक अवकाश पत्र के लगातार प्रथम 3 दिन अनुपस्थित रहने वाले छात्र-छात्राओं का नाम उपस्थिति पंजिका से काट दिया जाएगा।
बिना पूर्व सूचना या प्रार्थना पत्र के लगातार 10 दिनों तक अनुपस्थित रहने पर छात्र-छात्रा का नाम नामावली से हटा दिया जाएगा। पुनः प्रवेश (Re-admission) केवल पुनः प्रवेश शुल्क जमा करने पर ही संभव होगा।
विद्यालय में कीमती आभूषण पहनकर आना सख्त मना है। किसी भी प्रकार की हानि या क्षति के लिए छात्र-छात्रा स्वयं जिम्मेदार होंगे।
प्रत्येक छात्र-छात्रा को प्रतिदिन विद्यालय डायरी और पानी की बोतल साथ लाना अनिवार्य है।
प्रधानाचार्य की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी शिक्षक को उपहार देना छात्रों या अभिभावकों के लिए सख्त वर्जित है।
अभिभावक अपने बच्चों को विद्यालय की छुट्टी के बाद सीधे घर लौटने का सख्त निर्देश दें।
अनावश्यक पुस्तकें, पत्रिकाएँ या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण (मोबाइल, ट्रांजिस्टर, वीडियो प्लेयर, टेप आदि) लाना मना है। ऐसी सामग्री जब्त कर ली जाएगी और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी औपचारिक शिकायत या सुझाव को लिखित रूप में विद्यालय प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।
अभिभावकों से अनुरोध है कि वे डायरी में शिक्षकों की टिप्पणियों को ध्यानपूर्वक देखें और शैक्षणिक या व्यावहारिक समस्याओं को सुलझाने में विद्यालय का सहयोग करें।
विद्यालय परिसर में प्रवेश करने के लिए माता-पिता/अभिभावकों के पास उनका आधिकारिक "एंट्री पास" होना अनिवार्य है।
अक्सर अनुपस्थित रहने वाले या बार-बार देर से आने वाले विद्यार्थियों को प्रधानाचार्य की लिखित अनुमति के बिना कक्षा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।